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जानिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ महिला के लिठकैसे बढ़ाता है परेशानी !
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान महिला में सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ होना कॉमन है, लेकिन अगर महिला हद से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ ले रही है तो इससे न सिरà¥à¤« महिला के लिठबलà¥à¤•ि उसके गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके लिठà¤à¥€ हानिकारक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा हो सकती है.
जानिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ महिला के लिठकैसे बढ़ाता है परेशानी !
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव होते हैं. इस कारण महिला को कई तरह की परेशानियां à¤à¥‡à¤²à¤¨à¥€ पड़ती हैं. हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलावों की वजह से महिला के माइंड पर à¤à¥€ विपरीत असर पड़ता है. महिला को मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥à¤¸, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸, चिड़चिड़ापन आदि समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥‡à¤²à¤¨à¥€ पड़ती हैं.
वहीं अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी अनपà¥à¤²à¤¾à¤‚ड होती है या महिला इसके लिठतैयार नहीं होती, तो महिला के अंदर बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® और उसके बाद की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की चिंता सताने लगती है और उसका सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ बढ़ जाता है. पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में थोड़ा बहà¥à¤¤ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ तो सामानà¥à¤¯ है और इसे नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ à¤à¥€ किया जा सकता है. लेकिन अगर किसी कारण से सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है तो ये महिला और गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ दोनों पर बà¥à¤°à¤¾ असर डाल सकता है. जानिठकैसे !
जानिठसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ का बचà¥à¤šà¥‡ पर कà¥à¤¯à¤¾ होता है असर
माना जाता है कि सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ के दौरान शरीर से जो हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ रिलीज होते हैं, वो पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤•ेशनà¥à¤¸ कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿ कर सकते हैं. अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• तनाव लेने की वजह से महिला का बीपी बढ़ सकता है, जिसके कारण गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ तक की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा हो सकती है. साथ ही अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ का असर बचà¥à¤šà¥‡ के इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® पर पड़ सकता है. इसके अलावा कई बार मां के बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ लेने से सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ मां के जरिठगरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके शरीर में à¤à¥€ पहà¥à¤‚च जाते हैं. à¤à¤¸à¥‡ में जनà¥à¤® के बाद बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ में ​à¤à¥€ गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾, चिड़चिड़ापन और तनाव लेने की आदत आ सकती है. कोई मानसिक समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ इसकी वजह से हो सकती है.
तनाव को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के तरीके
– अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की वजह से परेशान हैं या डिलीवरी और बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ का डर सता रहा है, तो इसके बारे में विशेषजà¥à¤ž से बात करें और सकारातà¥à¤®à¤• रहें. पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के समय को खास समय मानकर à¤à¤¨à¥à¤œà¥‰à¤¯ करें.
– सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ को कम करने के लिठदिन में अपनी पसंद का कोई काम जरूर करें. इससे न सिरà¥à¤« आपका मन अचà¥à¤›à¤¾ होगा, बलà¥à¤•ि आपके बचà¥à¤šà¥‡ के अंदर à¤à¥€ कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ आà¤à¤—ी.
– नियमित रूप से डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ योग और à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कीजिà¤. इससे माइंड में बà¥à¤²à¤¡ स​रà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ बेहतर होता है और दिमाग तरोताजा महसूस करता है.
– नियमित रूप से सà¥à¤¬à¤¹ और शाम को कà¥à¤› देर मेडिटेशन जरूर करें. मेडिटेशन तनाव को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने का रामबाण उपाय है. इसके अलावा डीप-बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग वाली à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें. इससे मन को शांति मिलेगी.
– खाली समय में अपने दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से बात करें. उनसे अपने दिल की बातों को शेयर करें. इससे आपके मन का बोठà¤à¥€ उतर जाà¤à¤—ा और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होगा.
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